केजरीवाल गिरफ्तार, अरेस्ट होने वाले पहले सिटिंग CM  

केजरीवाल गिरफ्तार, अरेस्ट होने वाले पहले सिटिंग CM

प्रवर्तन निदेशालय यानि ED ने दिल्ली शराब नीति केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया । अरेस्ट होने वाले वे पहले सिटिंग CM बन गए हैं, इससे पहले झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को ED ने गिरफ्तार किया था। सोरेन ने ED की हिरासत में राजभवन जाकर इस्तीफा दिया था ।

ED की टीम गुरुवार शाम 7 बजे केजरीवाल के घर 10वां समन और सर्च वारंट लेकर पहुंची थी और दो घंटे तक पूछताछ के बाद रात 9 बजे यह कार्रवाई की। इस मामले में पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया 13 महीने और AAP नेता संजय सिंह 6 महीने से जेल में हैं ।

दिल्ली की जनता भी इस मुद्दे पर मिली जुली प्रतिक्रिया दे रही है, सबसे बड़ा सवाल जनता पूछ रही है कि नैतिकता के आधार पर बड़ी बड़ी बातें करने वाला केजरीवाल, बिना सबूत शीला दीक्षित, सोनिया गाँधी को गिरफ्तार करने के लिए कहने वाला केजरीवाल, अब खुद गिरफ्तार हुआ तो इस्तीफा क्यों नहीं दे रहा और क्या जेल से चलेगी दिल्ली की जनता की सरकार ???

दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया है, ED ने कोर्ट को केजरीवाल के खिलाफ सुबूत दिखाए जिसे देखने के बाद कोर्ट के तेवर केजरीवाल के प्रति सख्त हो गए और गुरुवार को दोपहर 2.30 बजे हाईकोर्ट ने दिल्ली CM की गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी।

शराब नीति केस में केजरीवाल को इस साल 27 फरवरी, 26 फरवरी, 22 फरवरी, 2 फरवरी, 17 जनवरी, 3 जनवरी और 2023 में 21 दिसंबर और 2 नवंबर को समन भेज गया था। हालांकि, वे एक बार भी पूछताछ के लिए नहीं गए।

क्या है दिल्ली शराब नीति केस ?

Delhi Sharab Ghotala Arvind Kejriwal Arrested

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने तर्क दिया था कि नई शराब नीति से 3,500 करोड़ रुपये का फायदा होगा. लेकिन ये पॉलिसी अब सरकार के ही गले ही हड्डी बन गई है.

17 नवंबर 2021 को दिल्ली सरकार ने राज्य में नई शराब नीति लागू की. इसके तहत राजधानी में 32 जोन बनाए गए. हर जोन में ज्यादा से ज्यादा 27 दुकानें खुलनी थीं. इस तरह से कुल मिलाकर 849 दुकानें खुलनी थीं.

नई शराब नीति में दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को प्राइवेट कर दिया गया. इसके पहले दिल्ली में शराब की 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत प्राइवेट थीं.

नई नीति लागू होने के बाद सभी शराब की दुकाने 100 प्रतिशत प्राइवेट हो गईं. सरकार ने तर्क दिया था कि इससे 3,500 करोड़ रुपये का फायदा होगा.

सरकार ने लाइसेंस की फीस भी कई गुना बढ़ा दी. जिस L-1 लाइसेंस के लिए पहले ठेकेदारों को 25 लाख देना पड़ता था, नई शराब नीति लागू होने के बाद उसके लिए ठेकेदारों को 5 करोड़ रुपये चुकाने पड़े.

इसी तरह अन्य कैटेगिरी में भी लाइसेंस की फीस में काफी बढ़ोतरी हुई. नई नीति में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकाने पहले की तरह 850  ही रहेंगी. दिल्ली की नई शराब बिक्री नीति के तहत, शराब की होम डिलीवरी और दुकानों को सुबह 3 बजे तक खुले रहने की परमिशन दी गई.  

22 मार्च 2021-  दिल्ली के तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकारी खजाना बढ़ेगा. तब तक दिल्ली में शराब की 60 फीसदी दुकानें सरकारी और 40 फीसदी दुकानें प्राइवेट थीं.

17 नवंबर 2021- दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति 2021-22 लागू कर दी. इससे शराब कारोबार से सरकार बाहर हो गई और शराब की सारी दुकानें 100 फीसदी प्राइवेट हो गईं. दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया. हर जोन में शराब की 27 दुकानें थीं.

8 जुलाई 2022- दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने नई शराब नीति में गड़बड़ी का अंदेशा जताया. उन्होंने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट एलजी वीके सक्सेना को भेजी. इसमें डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप था. एलजी ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी.

28 जुलाई 2022- विवाद बढ़ता देख दिल्ली सरकार ने नई शराब पॉलिसी रद्द कर दी और पुरानी पॉलिसी फिर से लागू कर दी.

17 अगस्त 2022- सीबीआई ने केस दर्ज किया और जांच शुरू की. इसमें मनीष सिसोदिया, तीन रिटायर्ड सरकारी अधिकारी. 9 बिजनेसमैन और 2 कंपनियों को आरोपी बनाया गया. सभी पर भ्रस्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया.

22 अगस्त 2022- इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी सीबीआई से मामले की जानकारी लेकर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया.

12 सितंबर, 2022: आम आदमी पार्टी के संचार प्रमुख विजय नायर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया.

26 फरवरी 2023- इस केस में पहली बड़ी गिरफ्तारी मनीष सिसोदिया के रूप में हुई. मनीष सिसोदिया को लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई ने अरेस्ट. बाद में ईडी ने भी सिसोदिया को अरेस्ट किया.

4 अक्टूबर 2023: आप नेता संजय सिंह को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया.

2 नवंबर 2023- शराब नीति केस में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को को पहला समन जारी हुआ.

21 दिसंबर 2023- केजरीवाल को दूसरा समन जारी हुआ. केजरीवाल पेश नहीं हुए. 

3 जनवरी 2024- ईडी ने अरविंद केजरीवाल को तीसरा समन जारी किया गया था. 

17 जनवरी 2024- शराब नीति केस में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को चौथा समन जारी किया.

2 फरवरी 2024- ईडी ने दिल्ली सीएम को पांचवीं बार समन भेजा.

22 फरवरी 2024- ईडी ने केजरीवाल को छठा समन भेजा.

26 फरवरी  2024- अरविंद केजरीवाल को सातवां समन मिला.

27 फरवरी 2024- केजरीवाल को आठवीं बार समन भेजा गया.


16 मार्च 2024- भारत राष्ट्र समिति की नेता के कविता को प्रवर्तन निदेशालय ने हिरासत में लिया.

17 मार्च 2024- अरविंद केजरीवाल को नौवां समन भेजा गया था. 

21 मार्च 2024- लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रियाएं

“Arvind Kejriwal Arrest: ‘सबका हिसाब होता है” – प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्टा मुखर्जी

“डरा हुआ तानाशाह, एक मरा हुआ लोकतंत्र बनाना चाहता है” – राहुल गाँधी

“गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। भ्रष्टाचार के तार अरविंद केजरीवाल के घर से जुड़े थे। मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन और अरविंद केजरीवाल की राजनीति तिहाड़ जेल में खत्म होगी” –भाजपा के अध्यक्ष कपिल मिश्रा

“दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी की गिरफ़्तारी से साफ ज़ाहिर है कि विपक्ष से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की बजाय बीजेपी जाँच एजेंसियों एवं अन्य संवैधानिक संस्थानों की आड़ और पुरजोर मदद से चुनाव लड़ना चाहती है” — तेजस्वी यादव

इस गिरफ़्कृतारी व खबर पर कृपया  पाठक गण भी अपनी प्रतिक्रिया कमेन्ट के माध्यम से दें 

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